Saturday, May 25, 2024
Homeउत्तर प्रदेशआस्था का प्रतीक माता मिढूरिन मन्दिर

आस्था का प्रतीक माता मिढूरिन मन्दिर

रायबरेली ब्यूरो
नगर पंचायत परशदेपुर के उत्तरी छोर पर स्थित भगवान परशुराम की तपोस्थली माने जाने वाला माता मिढुरिन मंदिर विश्वास एवं आस्था का प्रतीक है।पहले इस स्थान पर तीन पत्थर थे।जिनकी पूजा करने बंजारे दूर दूर से आते थे। इस को अहोरा रामपुर के नाम से जाना जाता था। लगभग35 साल पहले तीन ग्रामो को जोड़कर परशदेपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिला। उसके बाद मंदिर का नाम बदल कर माता मिढुरिन देवी जन सेवा संस्थान रखा गया।साथ ही साथ क्षेत्र वासियो के सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण कार्य भी कराया गया।
मंदिर में विशाल पीपल का पेड़ भी है पेड़ के नीचे हनुमान मंदिर भी स्थापित है। जिसमे प्रत्येक मंगलवार को श्रद्धालु दर्शन करने आते है।
मंदिर के प्रबंधक गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि
सावन महीने में मंदिर में सुबह के वक़्त भक्तो की भीड़ लगी रहती है।
माँ की महिमा आसपास के गांवों के अलावा दूसरे जिले में भी फैली हुई है।मंदिर के पुजारी भोला नाथ तिवारी ने बताया कि माता मिढुरिन का दर्शन करने और मन्दिर के सात चक्कर लगाने के बाद पीछे लगे नल से निकले नीर पीने से श्रद्धालुओं के कष्ट दूर हो जाते है।
मंदिर में माता मिढुरिन के अलावा काली,दुर्गा, सरस्वती, माँ शीतला व भोलेनाथ भी मंदिर में विराजमान है।
सोमवार, ब्रहस्पतिवार,एवं शुक्रवार को मंदिर में भारी मात्रा में भीड़ होती।
मंदिर तक पहुंचने के लिए इण्टर लॉकिंग मार्ग बनवाया गया है।इसकी सफाई नगर पंचायत व सेवा संस्थान के लोग करते है।नवरात्रि में इस मंदिर में प्रत्येक रात्रि जगराते होते है।राम नवमी के दिन नगर के छोटे छोटे बच्चो द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी पेश किए जाते है।
मंदिर में आने वालो की मन्नतें पूरी होती है।इससे लोगो के मन मे आस्था बनी हुई हैं।यहां पड़ोसी जिले के लोग भी मन्नत माँगने आते है.|

uploktantra
Author: uploktantra

spot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisements

Live Tv

Download ID

spot_img

आपकी राय

Cricket Live

Market Live

Rashifal

यह भी पढ़े